एक ही
है काम
हम दोनों का
मैं संदेश
पहुँचाता हूँ
और तुम भी
लेकिन मैं
संदेश में
मिलावट
नहीं करता
मेरे
लिफाफे में
अफीम
नहीं होती
अरे मैं
पोस्टमैन है
पोस्टमैन है
मैं
वो धर्म बचा रहा है
तू स्कूल अस्पताल न कर
राजा से सवाल न कर
वो इतिहास सँवार रहा है
तू नौकरी पर बवाल न कर
राजा से सवाल न कर
वो बुलेट ट्रेन दौड़ा रहा है
तू "पॉटहोल" का खयाल न कर
राजा से सवाल न कर
लोग सदमे में हैं
कहते हैं उसका
उज्जवल भविष्य था
फिर कैसे
वह मर गया
कुछ कहते हैं
आत्महत्या
कुछ कहते हैं
उसे मारा उन्होंने
जो उससे प्यार
का दावा करते हैं
जाँच होनी चाहिए
कैसे मरा
भारत
जस्टिस फॉर भारत
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का