बिल्लियाँ बोलीं
गरीबी हटाओ
भेड़ों ने
विश्वास किया
और हट गई
सचमुच गरीबी
बिल्लियों की
भेड़िये बोले
अच्छे दिन आएंगे
भेड़ों ने
विश्वास किया
और आए
सचमुच अच्छे दिन
भेड़ियों के
भेड़ो को
विश्वास है
अपने विश्वास पर
कर रहे हैं
रक्षा डट कर
कुछ बिल्लियों के
महल की
कुछ भेड़ियों के
प्रासाद की
Friday, September 28, 2018
Sunday, September 23, 2018
तिरंगे का अपमान
कुली
ढोता बोझ
दो बार
सुबह स्टेशन
शाम परिवार
बोझ तले
बोध कहाँ
गरीब का
तिरंगे से
छांव चुराना
तिरंगे का
अपमान है
अपराध है
बोझ तले
बोध कहाँ
इकहत्तर
वर्षों में
गरीब के लिए
कानून है
न्याय नहीं
ढोता बोझ
दो बार
सुबह स्टेशन
शाम परिवार
बोझ तले
बोध कहाँ
गरीब का
तिरंगे से
छांव चुराना
तिरंगे का
अपमान है
अपराध है
बोझ तले
बोध कहाँ
इकहत्तर
वर्षों में
गरीब के लिए
कानून है
न्याय नहीं
Saturday, September 1, 2018
उम्र कैद
क्या होगा याद
आखिरी सांस पर
वह पल
जिनके पंख लगा
मैं उड़ा
स्वच्छंद
या
उम्र सारी
जो गुजार दी
आकांक्षा की
कैद में
आखिरी सांस पर
वह पल
जिनके पंख लगा
मैं उड़ा
स्वच्छंद
या
उम्र सारी
जो गुजार दी
आकांक्षा की
कैद में
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दस्तक
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का
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बनने से संभव नहीं है होना होना तो संभव है होने से ही होने की राह नहीं चाह नहीं होने का यत्न नहीं प्रयत्न नहीं होना तो हो रहना...
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कुश, कुश पर पिंड पिंड पर तिल, पुष्प, जल, भोग अर्पित कर सविधि श्राद्ध किया "मैं" का मैंने हे प्रभु "मैं" की मुक्ति हो ...
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लोग सदमे में हैं कहते हैं उसका उज्जवल भविष्य था फिर कैसे वह मर गया कुछ कहते हैं आत्महत्या कुछ कहते हैं उसे मारा उन्होंने जो उससे प्यार का द...
