रहा मूढ़ तैरता अपने ज्ञान की सतह पर
बुद्ध हुआ डूब अपने अज्ञान की थाह में
Monday, April 30, 2018
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दस्तक
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का
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लोग सदमे में हैं कहते हैं उसका उज्जवल भविष्य था फिर कैसे वह मर गया कुछ कहते हैं आत्महत्या कुछ कहते हैं उसे मारा उन्होंने जो उससे प्यार का द...
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दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का