अपनी शक्सियत पर इतराता है जो
क्यों आईने से इतना घबराता है वो
Thursday, March 21, 2019
Monday, February 25, 2019
चाँद
अपने अंधेरों में
मुझे टाँग दो
चाँद सा
मुस्कान न सही
चमका दूँ
तुम्हारे आँसू
दोस्त हो जाएँ
तुम्हारे दर्द
और मेरे दाग
चाँद सा
मुझे टाँग दो
अपने अंधेरों में
मुझे टाँग दो
चाँद सा
मुस्कान न सही
चमका दूँ
तुम्हारे आँसू
दोस्त हो जाएँ
तुम्हारे दर्द
और मेरे दाग
चाँद सा
मुझे टाँग दो
अपने अंधेरों में
Sunday, February 24, 2019
Thursday, February 14, 2019
Wednesday, January 23, 2019
खटमल बनाम दीमक
मैं चाहता हूँ
तुम्हें जोर से हिलाऊँ
आँखों में सूरज चमकाऊँ
कानों में शोर मचाऊँ
ठंडा पानी छिड़कूँ
मैं चाहता हूँ
तुम जागो
और जानो
तुम्हारी चारपाई
जिस पर तुम सोए हो
दीमकों ने
उसका बुरादा भी नहीं छोड़ा
और जानो
खटमलों ने
तुम्हारा खून
पानी कर दिया है
हर पाँच वर्ष
तुम नींद में चल कर
जाते हो
दीमकों और खटमलों को
अदल बदल कर
फिर सो जाते हो
लेकिन मैं
तुम्हें नहीं हिलाऊँगा
सूरज नहीं चमकाऊँगा
शोर नहीं मचाऊँगा
पानी नहीं छिड़कूँगा
नहीं जगाऊँगा
क्योंकि तुम सोए नहीं हो
तुम ढोंग कर रहे हो
तुम्हें दीमकों से शिकायत नहीं
बशर्ते वह तुम्हारे पसंद के हों
और ५६ इंच सीना फुला
तुम्हारी बुरादानुमा
चारपाई माता का जयगान करें
तुम्हें खटमलों से परहेज नहीं
बशर्ते उनका खानदानी खून
जनेऊ पहन कर
तुम्हारे पानीनुमा
रक्त का गुणगान करे
खेद है
तुम नहीं जाग सकते
क्योंकि तुम सोए नहीं हो
अगर सोए होते
तो उम्मीद रहती
तुम्हारे जागने की
उम्मीद रहती
नई चारपाई की
नए खून की
तुम्हें जोर से हिलाऊँ
आँखों में सूरज चमकाऊँ
कानों में शोर मचाऊँ
ठंडा पानी छिड़कूँ
मैं चाहता हूँ
तुम जागो
और जानो
तुम्हारी चारपाई
जिस पर तुम सोए हो
दीमकों ने
उसका बुरादा भी नहीं छोड़ा
और जानो
खटमलों ने
तुम्हारा खून
पानी कर दिया है
हर पाँच वर्ष
तुम नींद में चल कर
जाते हो
दीमकों और खटमलों को
अदल बदल कर
फिर सो जाते हो
लेकिन मैं
तुम्हें नहीं हिलाऊँगा
सूरज नहीं चमकाऊँगा
शोर नहीं मचाऊँगा
पानी नहीं छिड़कूँगा
नहीं जगाऊँगा
क्योंकि तुम सोए नहीं हो
तुम ढोंग कर रहे हो
तुम्हें दीमकों से शिकायत नहीं
बशर्ते वह तुम्हारे पसंद के हों
और ५६ इंच सीना फुला
तुम्हारी बुरादानुमा
चारपाई माता का जयगान करें
तुम्हें खटमलों से परहेज नहीं
बशर्ते उनका खानदानी खून
जनेऊ पहन कर
तुम्हारे पानीनुमा
रक्त का गुणगान करे
खेद है
तुम नहीं जाग सकते
क्योंकि तुम सोए नहीं हो
अगर सोए होते
तो उम्मीद रहती
तुम्हारे जागने की
उम्मीद रहती
नई चारपाई की
नए खून की
Saturday, January 12, 2019
जिंदगी
तब
मैं नाचता रहा
उसकी ताल पर
और वह
मुस्कराती रही
मुझ पर
अब
नाचता हूँ
अपनी ताल पर
और वह
मुस्कराती है
मेरे साथ
मैं नाचता रहा
उसकी ताल पर
और वह
मुस्कराती रही
मुझ पर
अब
नाचता हूँ
अपनी ताल पर
और वह
मुस्कराती है
मेरे साथ
Saturday, December 29, 2018
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दस्तक
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का
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बनने से संभव नहीं है होना होना तो संभव है होने से ही होने की राह नहीं चाह नहीं होने का यत्न नहीं प्रयत्न नहीं होना तो हो रहना...
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कुश, कुश पर पिंड पिंड पर तिल, पुष्प, जल, भोग अर्पित कर सविधि श्राद्ध किया "मैं" का मैंने हे प्रभु "मैं" की मुक्ति हो ...
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इस साल कुछ पाना नहीं है खोज लेना है बस गुमशुदा खुद को। इस साल कहीं जाना नहीं है लौट आना है बस यहाँ, अभी। इस साल कुछ बनना नहीं है ...