Wednesday, April 29, 2020

खुदा

वह जो
दब गया है
बोझ तले
अहम् के

बचा लो
निकाल लो
उसे
वही खुदा है


Monday, March 2, 2020

तुम ठीक तो होगे ही

तुम
कड़ी मेहनत से
चीखें चीर कर
लाशें लांघ कर
घरों को फूँक कर
घर तो लौटे ही होगे

तुम्हें
पिता से शाबाशी
माँ से आशीष
बहन से प्यार
तो मिला ही होगा

तुमने
खाना तो
खाया ही होगा

तुम्हें
नींद तो
आई ही होगी

तुम
ठीक तो
होगे ही

Sunday, March 1, 2020

दो लाशें

लाशें
पड़ी हैं यहाँ
दो लोगों की

पहला मारा गया
तो दूसरा खुद मर गया

पहली लाश
भीतर के आदमी की
दूसरी बाहर के आदमी की

पहली लाश
भीतर के धर्म की
दूसरी बाहर के धर्म की

पहली लाश
भीतर के देश की
दूसरी बाहर के देश की

लाशें
पड़ी हैं यहाँ
दो लोगों की

Saturday, February 29, 2020

अलग आदमी

एक दिन
आदमी और भगवान
एक दूसरे से टकरा गए

आदमी ने हाथ बढ़ाया
कहा मैं आदमी हूँ
भगवान ने हाथ जोड़े
कहा मैं भगवान हूँ

आदमी क्रोधित हुआ
कहा "अलग" भगवान हो
तुम वो नहीं
जिसे मैंने बनाया

तुम्हारी शक्ल
उस "अलग" आदमी सी है
जिसे मैंने अभी मारा है
तुम्हें बचाने के लिए

भगवान ने कहा
तुम अलग आदमी हो
तुम वो नहीं
जिसे मैंने बनाया

Saturday, February 15, 2020

माँ

माँ
कहीं जाती नहीं

वो बैठ जाती है
हृदय के एक कोने में

हम और प्यार करने लगते हैं
खुद से, खुदा से और खुदाई से 

Monday, December 16, 2019

सच का साहस


तू तपा अपने सच के आक्रोश को
इसकी चिनगारी से सूरज बना दे
काँप जाए झूठ का झूठा रुतबा
साहस से अपनी ऊंगली उठा दे

भेड़ों का राजा

कुछ भेड़ें गैर हैं
उनसे भेड़ों का बैर है

भेड़ों ने कपट जाल बुना है
भेड़िये को अपना राजा चुना है

राजा गैर भेड़ें खाता है
इस लिए भेड़ों को भाता है

दस्तक

दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का