Sunday, October 6, 2024

होना

बनने से
संभव नहीं
है होना

होना तो
संभव है
होने से ही

होने की
राह नहीं
चाह नहीं

होने का
यत्न नहीं
प्रयत्न नहीं

होना तो
हो रहना
है बस

Thursday, September 26, 2024

श्राद्ध

कुश,
कुश पर पिंड
पिंड पर तिल, 
पुष्प, जल, भोग
अर्पित कर
सविधि श्राद्ध किया 
"मैं" का
मैंने

हे प्रभु
"मैं" की 
मुक्ति हो
और केवल 
"हूँ" ही हो

Wednesday, August 21, 2024

सवाल

समय का सृष्टि से,

सृष्टि का सृजन से,

सृजन का स्त्रोत से,

स्त्रोत का सत्य से,

सवाल है। 


होने और 

होने के एहसास

के बीच का पुल 

सवाल है।


होने का अर्थ

सवाल के हल में नहीं,

हल की खोज में है। 


होने का अर्थ

हर हल में  निहित

अगले सवाल और

अगली खोज में है।


Sunday, February 11, 2024

तिनका

तिनके को
थाम कर
पूरे यत्न से
प्रयत्न करता रहा
और डूबता रहा
मैं

तिनके के
छूटते ही
बिन यत्न
बिन प्रयत्न
बह रहा हूँ
मैं


Tuesday, December 19, 2023

शांत

खुदा ने पूछा 
मैं कौन

"मैं" ने 
व्याख्या दी
शास्त्र की,
तर्क दिए
विज्ञान के
और खुदा 
हँसने लगा

खुदा ने पूछा 
मैं कौन

मैं शांत रहा
और खुदा हो गया 
 

Sunday, September 10, 2023

वापसी

घर
लौट रहा हूँ
मैं 

साथ लौट रहे हैं
सम्राट अशोक
धनुर्वीर अर्जुन
और 
बाल नचिकेत

बह रही है यहॉँ
शांति
शांत मुख से
बुद्ध
कृष्ण
और
यमदेव के

घट रहा है
मैं मुझ से
और 
बढ़ रहा हूँ
मैं 


Wednesday, September 6, 2023

गुमनामी

#१ 

नसीब हुई है गुमनामी, खो कर कितना कुछ
बड़ा सुकून है यहाँ, तू मेरा नाम न पूछ 

#२ 

वो दरिया, किनारा, है पानी वही 
मैं जरिया, मेरी बस कहानी यही 

#३ 

जानता हूँ मैं, वह जी रही है मुझे
जानती है वह भी, मैं हूँ तो वह है

#४ 

एक पहेली रही जिंदगी, जिंदगी भर
जी लिया एक पल, अब मैं ही जिंदगी हूँ

दस्तक

दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का