Sunday, June 10, 2018
Wednesday, June 6, 2018
Tuesday, June 5, 2018
Sunday, June 3, 2018
Thursday, May 31, 2018
नग्नराज
नग्नराज पोशाक पर, भगत रहे बौराय
व्हाट्सऐप के दौर में, शीसा कौन दिखाय
शीसा कौन दिखाय, करे नग्न नगन मा फर्क
अच्छे दिन की भंग है, चढ़ै सो बेड़ा गर्क
व्हाट्सऐप के दौर में, शीसा कौन दिखाय
शीसा कौन दिखाय, करे नग्न नगन मा फर्क
अच्छे दिन की भंग है, चढ़ै सो बेड़ा गर्क
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दस्तक
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का
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बनने से संभव नहीं है होना होना तो संभव है होने से ही होने की राह नहीं चाह नहीं होने का यत्न नहीं प्रयत्न नहीं होना तो हो रहना...
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कुश, कुश पर पिंड पिंड पर तिल, पुष्प, जल, भोग अर्पित कर सविधि श्राद्ध किया "मैं" का मैंने हे प्रभु "मैं" की मुक्ति हो ...
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इस साल कुछ पाना नहीं है खोज लेना है बस गुमशुदा खुद को। इस साल कहीं जाना नहीं है लौट आना है बस यहाँ, अभी। इस साल कुछ बनना नहीं है ...