लालकृष्ण कह गए अटल से
ऐसा कमल युग आएगा
कृषक त्रस्त रोजगार नदारद
जीडीपी छलांग लगाएगा
ऐसा कमल युग आएगा
कृषक त्रस्त रोजगार नदारद
जीडीपी छलांग लगाएगा
हे जी रे ~~
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का