ज्ञान ध्यान लौ प्रज्वल
मृदुभाष नम्र अति सरल
धरा सपूत सलाम है
गगन तेरा कलाम है
#RIP #APJAK
मृदुभाष नम्र अति सरल
धरा सपूत सलाम है
गगन तेरा कलाम है
#RIP #APJAK
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का