Friday, May 18, 2018

भक्त

तेरे भगवान से शिकायत नहीं
पर तेरी भक्ति पर है एतराज़

जुमला फरेब है उसका स्वार्थ
क्यों तुझे अपने लुटने पर नाज़

Tuesday, May 15, 2018

कातिल

(१)

तू मेरी पीठ में गड़े ये खंजर न देख
देख मैं अपना कातिल खुद चुनता हूँ

(२)
तू मेरे खुदा को दोष न दे
मैं खुश हूँ अपने लुट जाने पर

Sunday, May 13, 2018

अमीरी


जग जीते सो क्या अमीर
पल जी ले सो क्या फकीर

करिश्मा


चाह रही प्रकृति का कुछ करिश्मा देखूँ
और साँस चलती रही, दिल धड़कता रहा

Thursday, May 3, 2018

मौत

नाकाफ़ी है जिंदगी खुशनुमा हो
कोशिश रहे हो मौत भी हसीन


Monday, April 30, 2018

बुद्ध

रहा मूढ़ तैरता अपने ज्ञान की सतह पर
बुद्ध हुआ डूब अपने अज्ञान की थाह में

एकांत

इस भीड़ से दूर ले चलो
मुझे अकेला नहीं रहना

दस्तक

दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का