तेरे भगवान से शिकायत नहीं
पर तेरी भक्ति पर है एतराज़
जुमला फरेब है उसका स्वार्थ
क्यों तुझे अपने लुटने पर नाज़
Friday, May 18, 2018
Tuesday, May 15, 2018
कातिल
(१)
तू मेरी पीठ में गड़े ये खंजर न देख
देख मैं अपना कातिल खुद चुनता हूँ
(२)
तू मेरे खुदा को दोष न दे
मैं खुश हूँ अपने लुट जाने पर
तू मेरी पीठ में गड़े ये खंजर न देख
देख मैं अपना कातिल खुद चुनता हूँ
(२)
तू मेरे खुदा को दोष न दे
मैं खुश हूँ अपने लुट जाने पर
Sunday, May 13, 2018
Thursday, May 3, 2018
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दस्तक
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का
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दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का
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जो लिखा सो सही सच वो पूरा पर नहीं दे रहा इस पल जो दस्तक उसकी तो पुस्तक नहीं तू ठहर हो शांत साक्षी तुझ सिवा तो कुछ नहीं
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इस साल कुछ पाना नहीं है खोज लेना है बस गुमशुदा खुद को। इस साल कहीं जाना नहीं है लौट आना है बस यहाँ, अभी। इस साल कुछ बनना नहीं है ...
