ऑटो की पिछली सीट पर
साये सोये सारी रात
जैसे उम्मीद सिकुड़ी हो
पिंजरे में जीवन के
या भ्रूण मुद्रा इस भ्रम में
कि जिंदगी शुरू होगी कल
Sunday, August 30, 2015
Friday, August 28, 2015
Monday, August 17, 2015
छद्म देश भक्त
बोस भगत के गर्म सिपाही
या थे चरखे के अनुयायी
खा फाँसी गोली दोनों ने
भारत को आज़ादी दिलवाई
उंगली उन पर उठा रहे
देखो कलियुग के मौकाई
जो चाट रहे थे गोरे तलवे
जो लड़वाएं भाई से भाई
या थे चरखे के अनुयायी
खा फाँसी गोली दोनों ने
भारत को आज़ादी दिलवाई
उंगली उन पर उठा रहे
देखो कलियुग के मौकाई
जो चाट रहे थे गोरे तलवे
जो लड़वाएं भाई से भाई
Sunday, August 2, 2015
Tuesday, July 28, 2015
कलाम सर को सलाम
ज्ञान ध्यान लौ प्रज्वल
मृदुभाष नम्र अति सरल
धरा सपूत सलाम है
गगन तेरा कलाम है
#RIP #APJAK
मृदुभाष नम्र अति सरल
धरा सपूत सलाम है
गगन तेरा कलाम है
#RIP #APJAK
Saturday, April 4, 2015
मेरे शहर का विकास
वन था यहाँ वृक्ष थे
थे अदद पंजों के निशान
अब धुआँ धूप है
हैं अहम से ऊँचे मकान
थे अदद पंजों के निशान
अब धुआँ धूप है
हैं अहम से ऊँचे मकान
सीमेंट गारा धूल है
पवन वातानुकूल है
ओढ़े कोहरा आकाश
मेरे शहर का विकास
पवन वातानुकूल है
ओढ़े कोहरा आकाश
मेरे शहर का विकास
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दस्तक
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का
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बनने से संभव नहीं है होना होना तो संभव है होने से ही होने की राह नहीं चाह नहीं होने का यत्न नहीं प्रयत्न नहीं होना तो हो रहना...
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कुश, कुश पर पिंड पिंड पर तिल, पुष्प, जल, भोग अर्पित कर सविधि श्राद्ध किया "मैं" का मैंने हे प्रभु "मैं" की मुक्ति हो ...
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इस साल कुछ पाना नहीं है खोज लेना है बस गुमशुदा खुद को। इस साल कहीं जाना नहीं है लौट आना है बस यहाँ, अभी। इस साल कुछ बनना नहीं है ...