Sunday, May 13, 2018

अमीरी


जग जीते सो क्या अमीर
पल जी ले सो क्या फकीर

करिश्मा


चाह रही प्रकृति का कुछ करिश्मा देखूँ
और साँस चलती रही, दिल धड़कता रहा

Thursday, May 3, 2018

मौत

नाकाफ़ी है जिंदगी खुशनुमा हो
कोशिश रहे हो मौत भी हसीन


Monday, April 30, 2018

बुद्ध

रहा मूढ़ तैरता अपने ज्ञान की सतह पर
बुद्ध हुआ डूब अपने अज्ञान की थाह में

एकांत

इस भीड़ से दूर ले चलो
मुझे अकेला नहीं रहना

Monday, February 26, 2018

कहानी

कहानी वही जो बयाँ कर दे अपनी कहानी
वरना बहुतेरे है बयाँ करते अपनी ही कहानी

Tuesday, December 12, 2017

शहर में

एक बूँद गिरी
पत्ता राख हो गया
शहर में

कहते हैं
आखिरी आँसू था
आखिरी गौरैया का
अब गौरैया नहीं होगी
न ही आँसू गिरेगा
शहर में 

दस्तक

दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का