इस साल
कुछ पाना नहीं है
खोज लेना है बस
गुमशुदा खुद को।
कुछ पाना नहीं है
खोज लेना है बस
गुमशुदा खुद को।
इस साल
कहीं जाना नहीं है
लौट आना है बस
यहाँ, अभी।
इस साल
कुछ बनना नहीं है
हो जाना है, बस
हो रहना है।
समय का सृष्टि से,
सृष्टि का सृजन से,
सृजन का स्त्रोत से,
स्त्रोत का सत्य से,
सवाल है।
होने और
होने के एहसास
के बीच का पुल
सवाल है।
होने का अर्थ
सवाल के हल में नहीं,
हल की खोज में है।
होने का अर्थ
हर हल में निहित
अगले सवाल और
अगली खोज में है।
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का