Friday, May 7, 2021

रोशनी

क्यों रोशनी थी चाही अंधेरे के आकाओं से
कि आसमाँ भी जल उठा है चिताओं से

Tuesday, May 4, 2021

नादानी

तेरी नाकामी तेरा कसूर नहीं
अपनी नादानी पे तरस आता है

Tuesday, April 27, 2021

ठीक ना फिर अब सब करना

थम जाएगा तूफ़ान यह जब
वो ठीक करने लगेंगे सब
तुम मगर अब ना फसना 
ठीक ना फिर अब सब करना

मंदिर, मूरत, धर्म, जाति न 
पिछले कल पर कट मरना
शिक्षा, कक्षा, किताबों से
अपना अगला कल रचना

ठीक ना फिर अब सब करना

लीडर की लहर हवा नहीं
अपनी दवा प्राण वायु चुनना  
बुरों में कम बुरा सम्राट नहीं
नोटा या काबिल सेवक चुनना

ठीक ना फिर अब सब करना

Friday, April 23, 2021

सुओ मोटो

आई सी यू में
बीमार जनतंत्र
के बगल में
व्यवस्था भी
बीमार पड़ी है

सुप्रीम कोर्ट ने
सुओ मोटो
संज्ञान लिया है
कि व्यवस्था
पवित्र गाय है

यही गाय
काबिल गौरक्षकों
और जजों को
संसद भेजती है

यह अदालत
आदेश देती है
सारी आक्सीजन
लगाकर बचाया जाए
इस गाय को

Sunday, April 18, 2021

दैत्य

घृणा हो रही है इन दैत्यों से हमें भी
अब पूछ मत लेना किसने बनाया इन्हें

Tuesday, April 13, 2021

मूर्ख

मूर्ख ने
कतार में
मर खप कर
सत्ता चुनी

मूर्ख ने
दवा
एम्बुलेंस
अस्पताल
शमशान की
कतार में
मर खप कर
साँस छोड़ी

जिन्दा मूर्ख
की गिनती
वोटर लिस्ट
में है

मुर्दा मूर्ख
की गिनती
आकड़ों में
भी नहीं

Saturday, April 3, 2021

डिक्की

बीच रास्ते
न्याय की
कानून की
मीडिया की
संस्थाओं की
गाड़ी खराब
हो गई

शुक्र है
दूरदर्शी नेताओं ने
खराब गाड़ी से
निकाल कर
अपनी डिक्की में
सुरक्षित रख लिया है
लोकतंत्र

दस्तक

दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का