हे ईश्वर
मानव से तू
शब्द छीन ले
मानव से तू
शब्द छीन ले
न शब्द हों
न अलग भाषाएँ
न अलग पहचानें
न अलग मानव
न अलग भाषाएँ
न अलग पहचानें
न अलग मानव
शब्द छीन ले
मानव से तू
हे ईश्वर
मानव से तू
हे ईश्वर
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का