क्या लिखूँ तारीफ़ में तेरी
शब्द बौने सारे मुझ से
Saturday, February 14, 2015
Friday, February 13, 2015
ईमान
#१
तेरी उम्मीद मैं हिम्मत करूँ "सच" बोल दूँ
मेरी दुआ तुझे हिम्मत मिले सच जान ले
#२
झूठ ही कहते सभी झूठी जबाँ है
कान भी ईमान के कायल कहाँ हैं
तेरी उम्मीद मैं हिम्मत करूँ "सच" बोल दूँ
मेरी दुआ तुझे हिम्मत मिले सच जान ले
#२
झूठ ही कहते सभी झूठी जबाँ है
कान भी ईमान के कायल कहाँ हैं
Wednesday, February 11, 2015
Tuesday, February 10, 2015
Monday, February 9, 2015
आम राज़
"अवाम" "इमाम" कूट नीति
कर विफल शराब लूट नीति
तू उठ तेरा है वक़्त आज
हो स्वराज हो आम राज़
कर विफल शराब लूट नीति
तू उठ तेरा है वक़्त आज
हो स्वराज हो आम राज़
हो सुराज हो आम राज़
Friday, February 6, 2015
सच
#१
सरल सौम्य, सच शीत है
सच-साधक मन शांति
तीव्र तप्त, सच ज्वाल है
सच-भस्म भए भ्रम भ्रांति
#२
सच है सच लघु ना बड़ा
हठी निडर डटकर खड़ा
सरल सौम्य, सच शीत है
सच-साधक मन शांति
तीव्र तप्त, सच ज्वाल है
सच-भस्म भए भ्रम भ्रांति
#२
सच है सच लघु ना बड़ा
हठी निडर डटकर खड़ा
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दस्तक
दस्तक देता रहता है कि सुन सके अपनी ही दस्तक "मैं" मैं को शक है अपने होने पर मैं को भय है अपने न होने का
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बनने से संभव नहीं है होना होना तो संभव है होने से ही होने की राह नहीं चाह नहीं होने का यत्न नहीं प्रयत्न नहीं होना तो हो रहना...
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कुश, कुश पर पिंड पिंड पर तिल, पुष्प, जल, भोग अर्पित कर सविधि श्राद्ध किया "मैं" का मैंने हे प्रभु "मैं" की मुक्ति हो ...
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इस साल कुछ पाना नहीं है खोज लेना है बस गुमशुदा खुद को। इस साल कहीं जाना नहीं है लौट आना है बस यहाँ, अभी। इस साल कुछ बनना नहीं है ...